गेंदे के पौधें के औषधीय गुण आप अनजान होंगे
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गेंदे का फुल |
दोस्तों इस फूल को तो आप अवश्य ही पहचानते
होंगे यह गेंदे का फूल है इस फूलों का
उपयोग ज्यादातर हार बनाने में किया जाता
है गेंदे के पौधे पर सुंदर और आकर्षक पीले
रंग के पुष्प लगते हैं इसकी पत्तियों से
तीव्र खुशबू निकलती है इसकी वजह से घरों
और उद्यानों में इसे लगाया जाता है यह
दुनिया भर में प्रसिद्ध है इसकी कई
प्रजातियां भी पाई जाती है इसमें ज्यादातर
"हजारा" "सुरनाई" "कोकहान" और "दलचक्र" प्रमुख है इसके पुष्प भगवान को चढ़ाए जाते हैं और माला बनाई जाती है
गेंदे को कितने नामो से पहचाना जाता है
संस्कृत में इसे "झंडू" "गणेरुक" "स्थूलपुष्प" आदि नामों से पहचाना गया है जबकि हिंदी में "गेंदा" "गुलतूरा" "कलग" और "हजारा" जैसे नामों से जाना जाता है इसे "मखबनी" भी कहा जाता है और अंग्रेजी में "Marigold" और वैज्ञानिक नाम "Tagetes" है
गेंदे की तासीर कैसी होती है और इसका औषधीय उपयोग कैसे करे
आयुर्वेद के अनुसार गेंदा स्वाद में कटू कसेला तिक्त शीतल प्रकृति का और पचने में हल्का होता
है यह रक्त को स्तंभन करने वाला रक्त सोधक
सूजन मिटाने वाला और कफ पित्त मिटाता है
इसके अलावा यह कुष्ठ मिटाता है और एक मान्यता ये भी है कि गेंदे का फूल भूत बाधा
को दूर करता है और ज्वर में लाभकारी होता
है इसके अलावा भी इसका एक विशेष गुण होता
है है यह कामोत्तेजना को बढ़ाता है और
कामोत्तेजना को नष्ट भी कर देता है
दोस्तों यह दांतों के दर्द को दूर कर देता
है इसके लिए आपको गेंद के पत्रों का क्वाथ
बनाकर कुल्ला करना चाहिए कुछ दिन लगातार
और दिन में दो बार यह प्रयोग करें शीघ्र
ही दांतों का दर्द दूर हो जाता है और दांत
भी मजबूत बनते हैं
अगर आपके दांत पीले पड़
गए हो तो इसका रोजाना इस्तेमाल करने से
दांत की चमक बढ़ जाएगी और सफेद बन जाएंगे
इसके पत्तों का रस निकालकर एक से दो बूंद
नाक में टपका से ही नक्सीर बंद हो जाती है
अगर आप कान के दर्द से परेशान है तो इसके
पत्तों के रस की एक से दो बूंदे कान में
डालें शीघ्र ही कान का दर्द दूर हो जाता
है
अगर कोई स्वास्थ्य से परेशान है तो
गेंदे के पुष्पों के बीजों की घुंटी जो
ऊपरी पुष्प धार होती है इसका चूर्ण बनाए
और ये चूर्ण लगभग ढाई ग्राम ले और इसमें
10 ग्राम शक्कर और एक चम्मच दही मिलाकर
दिन में तीन बार सेवन करें कुछ ही दिनों
में दमा और खांसी मिट जाते हैं
इसके अलावा इस सुंदर पुष्पों का चूर्ण बनाए और इसमें समान मात्रा में मिश्री मिलाकर एक चम्मच
पानी के साथ दो से तीन बार सेवन करें इस प्रयोग से भी खांसी और दमा मिट जाते हैं गेंदे के पौधे की प्रकृति शीतल होती है
ये बवासीर और अर्स को मिटा देती है इसके लिए
10 ग्राम गेंदे के ताजे पत्तों का चूर्ण बनाए और इसमें 2 ग्राम काली मिर्च मिलाए दोनों को अच्छी तरह से मिलाकर पीसकर पी जाए कुछ दिन प्रयोग करने से बवासीर मिट जाता है
दोस्तों अगर किसी को बवासीर में खून आने की समस्या है तो गेंदे के सुंदर पुष्पों को घी में भूनकर दिन में तीन बार सेवन करें कुछ दिन यह प्रयोग करने से बवासीर में खून आने की समस्या बिल्कुल बंद हो जाती है
दोस्तों गेंदे का एक अजीब गुण होता है इसके काले रंग के बीजों को चूर्ण बनाकर उतनी ही मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर दूध के साथ सुबह शाम सेवन करें तो यह स्तंभन शक्ति बढ़ाता है और वीर्य भी बढ़ता है लेकिन बिना कुछ मिलाए सिर्फ गेंदे के बीजों को कूटकर खाने से काम शक्ति समाप्त हो जाती है
दोस्तों अक्सर ठंड के मौसम में ज्यादातर लोगों की एड़िया फट जाती है अगर किसी को यह परेशानी है तो गेंदे के पत्तों का रस निकाले और वैसलीन में मिलाकर हाथ और पैरों पर लगाएं इससे फटी हुई एडिया मुलायम बन जाती है और पैरों की खुश्की दूर हो जाती है
दोस्तों यह स्त्रियों में होने वाले अधिक रक्त
स्त्राव को दूर करता है इसके लिए 5 से 10
ग्राम इसके पुष्पो का कल्क बनाएं और 10 ग्राम
घी में मिलाकर सेवन करें लगभग दो से तीन
दिन यह प्रयोग करने से स्त्रियों में होने
वाला रक्त प्रदर बंद हो जाता है
दोस्तों इस पूरे पौधे के पंचाग का रस निकालकर लगाने से चोट मोज और सूजन आदि समाप्त हो जाते हैं
दोस्तों यह किसी भी प्रकार की पथरी को समाप्त कर देता है इसके लिए 2 से 3 ग्राम गेंदे के पत्रों को पानी में उबालकर दिन में दो से तीन बार रोजाना पिए लगभग एक सप्ताह में ही पत्थरी गलकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है
दोस्तों खास सूचना:- इसका सीमित मात्रा में ही प्रयोग करें क्योंकि अत्याधिक प्रयोग हानिकारक हो सकता है इसका ज्यादातर प्रयोग काम शक्ति घटा देता है,,
तो दोस्तों फिर मिलते है एक नई जानकारी के साथ धन्यवाद
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